
१) Pancreatitis होने का सही इलाज?
- Pancreatitis का मतलब अग्न्याशय में सूजन का होना।
- यह प्रॉब्लम अचानक से भी हो सकती है, तथा लंबे समय तक रहने वाली भी। सही समय पर इलाज न मिले तो यह गंभीर जटिलताएँ भी पैदा कर सकती है।
- Pancreatitis के २ तरह का होता है, (१) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस (२) क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस।
(२) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस होने पर क्या होता है?
एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के होने पर अचानक से तेज पेट में दर्द के साथ शुरू होता है। इसका इलाज अस्पताल में एडमिट कर के ही किया जाता है।
#अस्पताल में भर्ती
- ज़्यादातर दर्दी को तुरंत ही अस्पताल में भर्ती किया जाता है, ताकि डॉ. लगातार निगरानी कर सकें।
#IV Fluids
- शरीर में पानी के कमी न हो इसलिए नस के माध्यम से तरल पदार्थ को दिए जाते हैं। इस से ब्लड प्रेशर तथा अंगों की कार्यक्षमता भी बनी रहती है।
# दर्द नियंत्रण
- तेज पेट का दर्द को कण्ट्रोल करने के लिए पेनकिलर के दवाएँ को दी जाती हैं।
# खाना रोकना
- शुरुआत में दर्दी को कुछ समय तक खाना भी नहीं दिया जाता है,ताकि अग्न्याशय को आराम मिल सके।
३) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस होने का कारण क्या हो सकता है?
- यदि कारण पित्त की पथरी है तो,गॉलब्लैडर को निकालने के लिए सर्जरी की जा सकती है।
- अगर कारण शराब है तो, पूरी तरह से बंद करना जरूरी है।
- यदि संक्रमण हो तो, एंटीबायोटिक भी दी जाती है।
४) क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस कैसे होता है?
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस लंबे समय तक चलने वाली समस्या है, जिस में अग्न्याशय को धीरे-धीरे नुक्सान हो जाता है।
#जीवनशैली में परिवर्तन
- शराब को पूरी तरह से ही बंद करें।
- धूम्रपान को छोड़ें।
#एंजाइम सप्लीमेंट
- जब अग्न्याशय पर्याप्त मात्रा में एंजाइम नहीं बना पाता है,तो डॉक्टर Pancreatic Enzyme Supplements को देते हैं, ताकि खाना सही से पच सके।
# इंसुलिन
- यदि अग्न्याशय के क्षमता बहुत कम हो जाए तो भी मरीज को मधुमेह हो सकता है। ऐसी स्थिति में इंसुलिन की जरूरत पड़ सकती है।
#सर्जरी
- गंभीर मामलों में सर्जरी को किया जाता है , ब्लॉकेज को हटाया जा सके.
५) Pancreatitis का सही डाइट प्लान (क्या खाएं?)
✔ क्या खाएं
- उबली हुई सब्जियाँ।
- दलिया, ओट्स।
- लो फैट दूध
- नारियल का पानी
❌ क्या न खाएं:
- तली हुई ज्यादा चीजें
- ज्यादा मसालेदार भोजन ,जंक फूड
- शराब
छोटे-छोटे अंतराल में ३-४ बार खाना अच्छा होता है।
६) Pancreatitis के जटिलताओं से बचाव ?
- संक्रमण
- किडनी फेल्योर
- पैनक्रियाटिक सिस्ट जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।