#एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के अटैक के कारण क्या हो सकते है?
एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस अचानक से शुरू होने वाली स्थिति है, जिस में की अग्न्याशय में सूजन आ जाती है। - यह आपातकालीन स्थिति है जो की कुछ ही घंटों, दिनों में तेज दर्द और कई जटिलताओं के साथ सामने आती है.
- पैंक्रियाज हमारे शरीर का महत्वपूर्ण भाग है जो की पाचन एंजाइम और हार्मोन का उत्पादन करता है।
- जब यह भाग खुद ही अपने एंजाइम से असर हो जाता है, तब एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस हो सकता है।
#किन कारणों से एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के अटैक आते है?
निचे बताये गए अनुसार एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का कारण हो सकता है,जैसे की,
*1. पित्ताशय की पथरी
यह सामान्य कारण में से एक है। जब पित्ताशय की पथरी पित्त की नली के रास्ते को बंद कर देती है, तो यह पैंक्रियाज की नली को भी असर कर सकती है। इस से पैंक्रियाज एंजाइम बाहर निकलने की बजाय खुद ही ग्रंथि में सक्रिय हो जाते हैं और सूजन करते हैं।
*2.ज्यादा शराब का सेवन शराब का सेवन करने से सीधे ही पैंक्रियाज की कोशिकाओं को नुकसान होता है और एंजाइम के असामान्य स्राव को बढ़ावा देती है।
- ज्यादा जोखिम तब होता है जब मरीज लंबे समय से डेली शराब पी रहा है।
*3.हाई ट्राइग्लिसराइड का लेवल खून में ट्राइग्लिसराइड नामक चर्बी का स्तर बहुत अधिक हो (>1000 mg/dL), तो एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस होने का कारण बन सकता है।
- मधुमेह जब कण्ट्रोल में न हो तो यह स्थिति बनती है.
*4. दवाओं के दुष्प्रभाव हर मरीज पर इसका असर अलग-अलग होता है, यदि इन दवाओं के सेवन के बाद में पेट में तेज दर्द या पाचन की समस्या शुरू हो तो डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें।
*5. यदि पेट पर कोई भी तरह की चोट लगती है या कोई पेट से संबंधित सर्जरी होती है,तो पैंक्रियाज की संरचना प्रभावित हो सकती है। इससे उसमें सूजन और एंजाइम का असामान्य रिसाव हो सकता है।
*6. कुछ वायरस से पैंक्रियाज को असर कर सकते हैं और एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का कारण बन सकते हैं। प्रमुख वायरस में शामिल हैं:
- हेपेटाइटिस B का वायरस
- कॉक्सैकी वायरस
*7. वंशानुगत कारण: कुछ लोगों में पैंक्रियाज की बीमारी तो वंशानुगत कारण से होते हैं। जैसे कि, पैन्क्रिएटिक डक्ट की बनावट में असामान्यता ।
- यह पैंक्रियाज एंजाइम को बाहर निकलने में बाधा करती है, जिससे सूजन आ सकती है।
*8. ऑटोइम्यून पैंक्रियाटाइटिस:
शरीर की इम्यून सिस्टम पर स्वयं ही पैंक्रियाज पर अटैक करती है। इसमें सूजन के साथ-साथ पैंक्रियाज के कार्य करने की क्षमता को भी असर होता है।
*9. (ERCP) की जाँच से बाइल डक्ट ,पैंक्रियाटिक डक्ट का पता लगाया जाता है।
*10. अन्य कारण:
-धूम्रपान : यह पैंक्रियाज को नुकसान पहुंचा सकता है। -पैंक्रियाज की नलियों में ट्यूमर होने से भी। -कभी कारण स्पष्ट भी नहीं होता है ।