फाइब्रोमायल्जिया दीर्घकालिक (क्रॉनिक) दर्द के संबंधी रोग है, जिस में पूरे शरीर में दर्द, थकान, तथा नींद के प्रॉब्लम होती है। मानसिक तनाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
- यह बीमारी हड्डियों की ही नहीं, पर दर्द को महसूस करने वाली नसों तथा मस्तिष्क के संवेदनशीलता से जुड़ी होती है। सामान्य जांच के रिपोर्ट सामान्य आती हैं, जिस से दर्दी को समझाने में कठिनाई होती है.
२)फाइब्रोमायल्जिया के क्या लक्षण होते है?
- फाइब्रोमायल्जिया के लक्षण अलग - अलग व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, पर सामान्यतः ये देखे जाते हैं,
- शरीर में लंबे समय तक दर्द।
- सुबह उठते समय शरीर में अकड़न
- ज्यादा थकान तथा कमजोरी का होना
- सिरदर्द का होना या तो, माइग्रेन का होना
- ध्यान को केंद्रित करने में परेशानी
- चिंता
महिलाओं में यह रोग अधिक पाया जाता है, खास कर के 30–50 वर्ष की आयु में।
३) फाइब्रोमायल्जिया का सही इलाज?
- फाइब्रोमायल्जिया का कोई स्थायी इलाज नहीं है, पर सही उपचार योजना से लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। आमतौर पर दवा, जीवनशैली में परिवर्तन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के संयोजन से किया जाता है।
#1. दवा के द्वारा उपचार
डॉ दर्दी की स्थिति के अनुसार दवा देते हैं, जैसे की,
- दर्द निवारक के दवाएं।
#2. फिजियोथेरेपी तथा व्यायाम
नियमित व्यायाम फाइब्रोमायल्जिया से इलाज का सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
- हल्की - सी स्ट्रेचिंग
- कसरत करना
- सुबह - सुबह वॉकिंग करना
धीरे-धीरे से शुरू करें तथा नियमितता बनाए रखें।
#3. तनाव के प्रबंधन
यह मानसिक तनाव से जुड़ा है, इसलिए तनाव को कम करना जरूरी है।
- मेडिटेशन करना
- हलकी - सी गहरी सांस लेने के अभ्यास
उपाय दर्द की तीव्रता और मानसिक बोझ को कम करने में मदद करते हैं।
# 4. नींद में सुधार
- रोज नियमित समय पर ही पर सोने की आदत
- मोबाइल तथा टीवी से दूरी बनाये रखना
सही नींद से थकान तथा दर्द दोनों में राहत मिलती है।
# 5. संतुलित आहार का लेना
फाइब्रोमायल्जिया कोई विशेष डाइट नहीं है, पर संतुलित आहार ज्यादा फायदेमंद होता है।
- हरी सब्जियां और फल
- प्रोटीन युक्त का आहार
- जंक फूड तथा ज्यादा चीनी से बचना चाहिए, क्योंकि सूजन तथा थकान बढ़ा सकते हैं।
# 6. वैकल्पिक उपचार
कुछ दर्दी को वैकल्पिक उपचारों से राहत मिल जाती है.
- मसाज का थेरेपी
- प्राकृतिक का चिकित्सा
इनकी प्रभावशीलता व्यक्ति पर निर्भर करती है, विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
४) जीवनशैली में परिवर्तन का क्या महत्व है?
- फाइब्रोमायल्जिया लंबी अवधि की स्थिति है, धैर्य तथा नियमितता बहुत ही जरूरी है।
- काम तथा आराम के बीच संतुलन को बनाये रखें।
- सकारात्मक सोच को बनाए रखें।
- परिवार तथा दोस्तों का मदद लें.
समय के साथ - साथ में सही रूटीन बनाने से जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।
५) कब डॉ. से मिलना चाहिए?
- शरीर में तीन महीने से ज्यादा समय से भी तक लगातार दर्द का हो, थकान या मानसिक तनाव बढ़ रहा हो, तो ही डॉ। से संपर्क करें। सही समय पर निदान और उपचार से स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सकती है।