एक असामान्य प्रकार का क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस है जो की अग्न्याशय के सिर, ग्रहणी के दूसरे भाग और सामान्य पित्त नली के बीच की जगह को असर करता है। मुख्य ट्रिगर पुरानी शराब का दुरुपयोग है, जो अग्नाशयी रस को अग्नाशयी ग्रहणी नाली में रिसाव में ले जाता है, जिससे सूजन और फाइब्रोसिस हो सकता है।
२) ग्रूव पैन्क्रियाटाइटिस का जाँच कैसे किया जाता है ?
ग्रूव पैन्क्रियाटाइटिस का पता लगाने के लिए डॉक्टर कुछ जाँच का सहारा लेते है ,जैसे की, - CT Scan
- Ultrasound -रक्त परीक्षण
३) ग्रूव पैंक्रियास होने के कौन कौन से लक्षण दिखाई देते है?
- पेट के ऊपर भाग में ज्यादा दर्द का होना
- खाना खाने के बाद उल्टी, -वज़न का कम होना, -मतली, -शराब के ज्यादा उपयोग के कारण प्रतिरोधी पीलिया.
४) ग्रूव पैन्क्रियाटाइटिस के कारण क्या है ?
ग्रूव पैंक्रियास के कारण निचे बताये अनुसार हो सकते है।, जैसे की -शराब का सेवन
-पित्त में पथरी -अनुवांशिक कारक